चुनाव से पहले सीएम योगी का बड़ा दांव, आशा-आंगनबाड़ी का मानदेय बढ़ाने का ऐलान
लखनऊ में विधान परिषद को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश ‘फियर जोन’ से ‘फेथ जोन’ में बदल चुका है और कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। साथ ही, डबल इंजन सरकार के तहत तीन करोड़ युवाओं को रोजगार देने का दावा किया। विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला।

लखनऊ में विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इससे पहले विधानसभा में वृद्धावस्था, दिव्यांगजन और निराश्रित विधवा पेंशन की राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की आधारशिला ‘रूल ऑफ लॉ’ है और प्रदेश में इसे सख्ती से लागू किया गया है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश ने ‘फियर जोन’ से ‘फेथ जोन’ तक की यात्रा पूरी की है। उन्होंने दावा किया कि दंगों की जगह अब उत्सव और टेंपल इकोनॉमी ने ली है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।
विपक्ष पर प्रहार करते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को नसीहत दी कि वे आचरण में संयम रखें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और महापुरुषों का सम्मान किया जाना चाहिए। विधान परिषद और विधानसभा में वंदे मातरम के विरोध को लेकर भी उन्होंने विपक्ष की आलोचना की और राष्ट्रगीत के सम्मान पर जोर दिया।
राज्यपाल के साथ कथित अभद्र व्यवहार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संवैधानिक पद की गरिमा के विपरीत है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे ऐसा व्यवहार करें जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के बाद कानून व्यवस्था में सुधार का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कोई बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब राजस्व अधिशेष राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत उभरती तकनीकों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उसी दृष्टि से उत्तर प्रदेश ने भी खुद को परिवर्तन की भूमि के रूप में स्थापित किया है।
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले कृषि और उद्योग के लिए स्पष्ट नीतियां नहीं थीं, जबकि अब डबल इंजन सरकार की नीतियों से पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान मिली है। ओडीओपी और अन्य योजनाओं के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का दावा भी उन्होंने किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया और बीमारियों दोनों पर नियंत्रण स्थापित किया गया है और प्रदेश में विश्वास का वातावरण बना है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश नई पहचान के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।




