हाई ब्लड प्रेशर से बचना है तो आज ही बदलें ये आदतें, वरना हो सकता है स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा
आज की अस्वस्थ जीवनशैली के कारण हाइपरटेंशन तेजी से बढ़ रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन ने इसे ‘साइलेंट किलर’ बताते हुए चेतावनी दी है कि यह बिना लक्षण शरीर के अहम अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। ज्यादा नमक, जंक फूड, तनाव, मोटापा, तंबाकू और शराब इसके प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर बीपी जांच से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

देश में बढ़ते हाइपरटेंशन के मामलों को देखते हुए National Health Mission ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हाइपरटेंशन को ‘साइलेंट किलर’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाता है। समय पर पहचान न होने पर यह जानलेवा भी हो सकता है।
किन अंगों पर पड़ता है असर
अनियंत्रित ब्लड प्रेशर दिल, किडनी और दिमाग पर सीधा प्रभाव डालता है। लंबे समय तक हाई बीपी रहने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और आंखों की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती चरण में इसका पता चल जाए तो इसे दवाओं और जीवनशैली सुधार के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है।
क्यों बढ़ रहा है हाइपरटेंशन?
विशेषज्ञों के अनुसार अस्वस्थ दिनचर्या इसका सबसे बड़ा कारण है। अधिक नमक का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। प्रोसेस्ड फूड, चिप्स, नमकीन, अचार और बाहर का खाना अक्सर अधिक सोडियम से भरे होते हैं।
इसके अलावा मानसिक तनाव, काम का दबाव और पारिवारिक समस्याएं भी बीपी बढ़ाने का कारण बनती हैं। शारीरिक गतिविधि की कमी, दिनभर बैठे रहना और मोटापा स्थिति को और गंभीर बना देते हैं।
खानपान और आदतों पर रखें नियंत्रण
जंक और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन धमनियों को नुकसान पहुंचाता है। तंबाकू और शराब का सेवन हृदय रोगों के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। खासकर पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी हृदय पर दबाव डालती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है।
बचाव के लिए क्या करें?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए। कम नमक और संतुलित आहार अपनाना जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या तेज चाल से पैदल चलना लाभकारी होता है। योग और मेडिटेशन तनाव कम करने में मदद करते हैं। साथ ही तंबाकू और शराब से दूरी बनाए रखना और वजन नियंत्रित रखना बेहद आवश्यक है।
18 साल से ऊपर हर व्यक्ति के लिए जरूरी जांच
डॉक्टरों के अनुसार 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार बीपी जांच अवश्य करानी चाहिए। यदि परिवार में पहले से किसी को हाइपरटेंशन रहा है, तो नियमित जांच और भी जरूरी हो जाती है। समय पर पहचान और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।