Gold Silver Price Hike: ₹3500 उछला सोना, ₹13500 भागी चांदी—दो दिन की गिरावट के बाद बाजार में ऐसा क्या हुआ?
लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद 18 फरवरी को सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी आई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना करीब ₹3500 उछल कर लगभग ₹1,54,900 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी ₹13,500 से अधिक बढ़कर ₹2,28,783 प्रति किलोग्राम हो गई। वैश्विक बाजार में भी सोना $5000 पार और चांदी $77 के ऊपर कारोबार कर रही है। विशेषज्ञ निवेशकों को सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं।

Gold Silver Price Hike : सोना और चांदी की कीमतों में दो दिनों की गिरावट के बाद 18 फरवरी को जोरदार तेजी दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने में लगभग ₹3500 का उछाल आया, जबकि चांदी में ₹13,500 से ज्यादा की तेजी रही। इस तेजी का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखा, जहां सोना और चांदी दोनों ने मजबूती दिखाई।
MCX पर ताजा रेट क्या हैं?
एमसीएक्स पर अप्रैल 2026 डिलिवरी वाला सोना करीब 2.30 फीसदी बढ़कर लगभग ₹1,54,900 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करने लगा, जो इसके ऑल टाइम हाई स्तर के करीब है। वहीं चांदी की मार्च 2026 डिलिवरी में लगभग 6 फीसदी की तेजी देखी गई और इसकी कीमत लगभग ₹2,28,783 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रदर्शन
वैश्विक बाजार में COMEX पर सोना $5000 प्रति औंस से ऊपर पहुंच गया और करीब $5002 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह चांदी में भी लगभग 5.17 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई और यह $77 प्रति औंस के पार जा चुकी है।
एक्सपर्ट की सलाह: अब खरीदें या रुकें?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने निवेशकों को सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि डॉलर की मजबूती और रूस-यूक्रेन युद्ध की स्थिति के कारण सोने में और करेक्शन की संभावना बनी हुई है। उनका अनुमान है कि सोना जल्द ही लगभग ₹1,10,000 प्रति 10 ग्राम तक भी पहुंच सकता है, जिसका मतलब है कि फिलहाल यह ऊंचाई एक पुलबैक की ओर इशारा कर सकती है।
चांदी निवेशकों को क्या करना चाहिए?
चांदी के बारे में अजय केडिया ने कहा है कि चीन में लूनर न्यू ईयर के कारण एशियाई बाजार सुस्त हैं और चांदी की मांग कम है। इसके चलते चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट आ सकती है, और यदि ऐसा हुआ, तो यह लगभग ₹1,80,000 प्रति किलोग्राम तक गिर सकती है।
क्या अब सोना-चांदी खरीदना चाहिए?
विशेषज्ञों की राय में वर्तमान तेजी एक अलर्ट संकेत है—जब कीमतें अत्यधिक ऊंची हो जाएं तो निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि का निवेश है तो छोटी-छोटी खरीद फेज में निवेश करने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन अगर लक्ष्य आय जल्दी रिटर्न लेना है तो फिलहाल बाजार में और करेक्शन के संकेतों पर नजर रखना बेहतर हो सकता है।




