Diwali 2024: मां लक्ष्मी की दिवाली पर पूजा करें या आरती? गलत चुना तो सालभर खाली रहेगी जेब

Maa Laxmi Aarti Niyam: सनातन धर्म के लोगों के लिए खुशियों के प्रतीक दिवाली के पर्व का खास महत्व है। इस दिन लोग भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं। साथ ही घरों को दीयों, फूलों और लाइटों से सजाते हैं। दिवाली के दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष विधान है। मान्यता है कि जो लोग इस दिन सच्चे मन से मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं, उनके जीवन में सदा खुशहाली, धन, वैभव, सुख और शांति का वास रहता है।
दिवाली पर कई लोग देवी-देवताओं की पूजा करने के बाद उनकी आरती भी करते हैं। लेकिन माना जाता है कि दिवाली पर माता लक्ष्मी की आरती नहीं करनी चाहिए। चलिए जानते हैं दिवाली पर क्यों मां लक्ष्मी की आरती नहीं करनी चाहिए।
क्या आप भी करते हो लक्ष्मी जी की आरती?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, दिवाली पर धन की देवी मां लक्ष्मी की आरती नहीं करनी चाहिए। पूजा करने के बाद यदि अंत में आप माता लक्ष्मी की आरती करते हैं, तो माना जाता है कि आप उन्हें विदाई का संकेत दे रहे हैं। ऐसे में वो उस घर में वास नहीं करती हैं और वहां से चली जाती हैं। मान्यता है कि जिन लोगों के घर में मां लक्ष्मी का वास नहीं होता है, उन्हें जीवनभर पैसों की कमी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा घर में सुख-शांति और खुशहाली का भी वास नहीं होता है।
इसलिए दिवाली पर मां लक्ष्मी की आरती करने की जगह केवल उनकी पूजा करनी चाहिए। हालांकि कुछ लोग इस बात को केवल मिथ मानते हैं और दिवाली पर मां लक्ष्मी की आरती करते हैं। दिवाली पूजन के दौरान केवल भगवान गणेश और विष्णु जी की ही आरती करनी चाहिए।
मां लक्ष्मी की पूजा से जुड़े नियम
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा करते समय अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर करना शुभ होता है।
- मां लक्ष्मी की पूजा के लिए जलाए गए दीपक को पूर्व दिशा की ओर रखना चाहिए।
- माता लक्ष्मी को सिंदूर, मोली, फल, मिठाई, गंगाजल, पान, सुपारी और इलायची आदि चीजें जरूर अर्पित करनी चाहिए।
- धन की देवी की पूजा करने से पहले शंख या घंटी जरूर बजानी चाहिए। ये संकेत है कि आप मां लक्ष्मी का आह्वान कर रहे हो।