Success Story: US की हाई-प्रोफाइल नौकरी छोड़ भारत लौटे अभय सोई, डूबते अस्पताल से खड़ी कर दी ₹1 लाख करोड़ की हेल्थकेयर दिग्गज कंपनी
अभय सोई ने अमेरिका की प्रतिष्ठित कंपनी में करियर छोड़ भारत लौटकर 2010 में एक संघर्षरत अस्पताल खरीदा और Radiant Life Care की नींव रखी। बाद में KKR की मदद से Max Healthcare में हिस्सेदारी लेकर उसे देश की दूसरी सबसे बड़ी हॉस्पिटल चेन बनाया। कोविड काल में निर्णायक कदमों से कंपनी को नई पहचान मिली और आज इसका मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक है।

Success Story: भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में यदि किसी नाम ने पिछले एक दशक में सबसे तेज उभरकर पहचान बनाई है, तो वह है Abhay Soi। फाइनेंस बैकग्राउंड से आने वाले सोई ने पारंपरिक करियर पथ छोड़कर एक ऐसे क्षेत्र में कदम रखा, जहां उनका कोई पारिवारिक आधार नहीं था। आज वह Max Healthcare Institute Limited के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जिसकी गिनती देश की प्रमुख हॉस्पिटल चेन में होती है।
फाइनेंस करियर से नई दिशा की शुरुआत
अपने करियर की शुरुआत सोई ने अमेरिका की अकाउंटिंग फर्म Arthur Andersen से की, जहां वे फाइनेंशियल स्ट्रक्चरिंग से जुड़े कार्यों में सक्रिय थे। इसके बाद उन्होंने Ernst & Young और KPMG जैसी वैश्विक कंसल्टिंग कंपनियों में भी काम किया। मजबूत कॉर्पोरेट अनुभव ने उन्हें निवेश और पुनर्गठन की गहरी समझ दी।
डूबते अस्पताल पर लगाया दांव
साल 2010 में उन्होंने दिल्ली के एक 650-बेड वाले संघर्षरत अस्पताल का अधिग्रहण कर Radiant Life Care की स्थापना की। यहीं से उनके उद्यमी सफर की वास्तविक शुरुआत हुई। सीमित संसाधनों और जोखिम भरे हालात में यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अस्पताल प्रबंधन मॉडल को पुनर्गठित कर उसे लाभकारी दिशा में मोड़ा।
KKR की साझेदारी और बड़ा विस्तार
जून 2019 में वैश्विक निवेश फर्म KKR के सहयोग से उन्होंने Max Healthcare में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल की। जून 2020 में Radiant Life Care का Max Healthcare में विलय हुआ और इसके बाद कंपनी शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो गई। यह रणनीतिक कदम हेल्थकेयर सेक्टर में एक बड़े एकीकरण के रूप में देखा गया।
कोविड काल में निर्णायक नेतृत्व
मार्च 2020 में देशव्यापी लॉकडाउन से पहले कंपनी पर लगभग ₹2,300 करोड़ का कर्ज था और नकदी स्थिति सीमित थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में सोई ने दिल्ली के Max Hospital Saket और मुंबई के Max Hospital Nanavati को कोविड ट्रीटमेंट सेंटर में परिवर्तित करने का निर्णय लिया। जब Amitabh Bachchan समेत कई प्रमुख हस्तियों ने यहां उपचार लिया, तो ब्रांड की विश्वसनीयता और पहचान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
आज कितनी बड़ी है कंपनी
वर्तमान में Max Healthcare के पास लगभग 20 हेल्थकेयर सुविधाएं हैं और करीब 5,200 बेड की क्षमता है। 38,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी का मार्केट कैप ₹1.10 लाख करोड़ से अधिक पहुंच चुका है और यह Nifty 50 में भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, कंपनी होम हेल्थकेयर सेवाएं और मैक्स लैब के माध्यम से पैथोलॉजी नेटवर्क भी संचालित करती है।
भविष्य की रणनीति
अभय सोई का लक्ष्य वर्ष 2029 तक अस्पतालों की बेड क्षमता दोगुनी करना है। प्रारंभिक चरण में 2,800 नए बेड जोड़ने के लिए लगभग ₹4,500 करोड़ के निवेश की योजना है। मुंबई स्थित Max Nanavati में 600 बेड बढ़ाने के साथ शेष विस्तार दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रस्तावित है।
शैक्षणिक रूप से सोई ने University of Delhi से स्नातक और बेल्जियम की European University से एमबीए किया है। Amity University ने उन्हें हेल्थकेयर सुधार में योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया।
फाइनेंस प्रोफेशनल से हेल्थकेयर लीडर बनने तक का उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि रणनीतिक जोखिम, समय पर निर्णय और संकट में निर्णायक नेतृत्व किसी भी संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।



